एनडीटीवी खबर: अंग्रेज़ी में कई लोग हैं, जो सिर्फ़ ब्लॉगिंग करके कमा-खा रहे हैं। लैबनॉल ब्लॉग के मॉडरेटर अमित अग्रवाल ने एक बार अपने ब्लॉग पर ख़बर दी कि वह रोज़ाना क़रीब एक हज़ार डॉलर कमाते हैं। उनकी ख़बर की तस्दीक़ गूगल एडसेंस ने भी दी, जो अंतर्जाल पर विज्ञापन बांटने वाली सबसे बड़ी एजेंसी है। ज़ाहिर है, यह रक़म अंग्रेज़ी में ही कमाई जा सकती है। लैबनॉल की ई-मेल ग्राहक संख्या 20000 के आसपास है और अंग्रेज़ी में लैबनॉल जैसे कई ब्लॉग हैं। लेकिन हिन्दी में सबसे अधिक ई-मेल ग्राहक संख्या वाला ब्लॉग रवि रतलामी है और आपको यह जानकर हैरानी होगी कि ये संख्या 200 के आसपास है।